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आम के बागों से अधिकतम लाभ हेतु फूल (मंजर) प्रबंधन

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डा. पी. सी. चौरसिया, सहायक प्राध्यापक (उद्यानिकी) डा. ओकेश चंद्राकर सहायक प्राध्यापक (सब्जी विज्ञान) इंदिरा गाँधी कृषि विश्वविद्यालय कृषि महाविद्यालय एवं अनुसन्धान केंद्र ,  महासमुंद (छ.ग.) प्रस्तावना आम भारत में सबसे महत्वपूर्ण उष्णकटिबंधीय फल है। भारतवर्ष में आम उत्तर प्रदेश , गुजरात , कर्नाटक , आन्ध्र प्रदेश एवं बिहार में प्रमुखता से इसकी खेती होती है। भारत सरकार के कृषि मंत्रालय के वर्ष 2024-25 के संख्यिकी के अनुसार भारतवर्ष में 24.50 लाख हेक्टेयर में आम की खेती होती है , जिससे 228.37 लाख मीट्रिक टन उत्पादन प्राप्त होता है। आम की राष्ट्रीय उत्पादकता 8.80 टन प्रति हेक्टेयर है। छत्तीसगढ़ में लगभग 77,454 हेक्टेयर भूमि आम की खेती की जाती है जिससे राज्य में आम का कुल उत्पादन लगभग 4,39,619 टन ( 4.4 लाख टन) होता है । छत्तीसगढ़ में आम की औसत उपज लगभग 5.5–6.0 टन प्रति हेक्टेयर है। आम की उत्पादकता को बढ़ाने के लिए आवश्यक है कि फूल (मंजर) में टिकोला लगने के बाद बाग का वैज्ञानिक ढंग से प्रबंधन कैसे किया जाय जानना आवश्यक है। आम में फूल आना एक महत्वपूर्ण चरण है , क्य...

छत्तीसगढ़ में एप्पल बेर (Apple Ber) मुनाफ़े की खेती

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डॉ. पी. सी. चौरसिया,  डॉ. ओकेश चंद्राकर एवं  डॉ. अनुराग इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय  कृषि महाविद्यालय एवं अनुसन्धान केंद्र, महासमुंद (छ.ग.)  प्रस्तावना:-  शुष्क क्षेत्रों में उगाये जाने वाले फलों में बेर का विशेष स्थान है। बेर के पौधे अपने आपको विपरीत परिस्थितियों में ढालने की अद्भुत क्षमता रखते हैं, जिसके फलस्वरूप ये शुष्क एवं अर्ध शुष्क क्षेत्र जहां वार्षिक वर्षा बहुत कम एवं अनियमित तथा सूर्य विकिरण अधिक होता है, वहंांॅ सफलता पूर्वक फलोत्पादन किया जा सकता हैं। बेर का फल पौष्टिक तत्वों से परिपूर्ण है जिसमें विटामिन, खनिज लवण शर्करा इत्यादि प्रचुर मात्रा में पाये जाते हैं। बेर के फलों को ताजा एवं परिरक्षित पदार्थ के रूप में प्रयोग किया जाता है। इसके फलों से शर्बत, जैम, मुरब्बा, कैण्डी, सूखे बेर, इत्यादि परिरक्षित पदार्थ बनाये जा सकते हैं। फल सेवन करने से रक्त साफ होता है और पाचन क्रियाठीक रहती है। कच्चे फल के सेवन से कफ बढ़ता है जबकि पका हुआ फल शीतल, पचनीय और शक्तिवर्धक आहार माना गया है।             भूमि एवं जलवायु- बेर ...